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भारत के प्रधानमंत्रियों के नाम और उनके कार्यकाल की सूची

भारत के प्रधानमंत्रियों के नाम और उनके कार्यकाल की सूची

prime minister of india list from 1947 to 2018  – आज सभी कॉम्पीटिशन एग्जाम में समान्य ज्ञान के सेक्शन में भारत के प्रधानमंत्रियों  से सबंधित बहुत से प्रश्न पूछे जाते है क्योकि भारत के प्रधानमंत्रियों से सबंधित  प्रश्न समान्य ज्ञान का एक इम्पोर्टेन्ट पार्ट है इसलिए यदि कोई उमीदवार किसी कॉम्पीटिशन एग्जाम की तैयारी  कर रहा है तो उसे भारत के प्रधानमंत्रियों से सबंधित समान्य ज्ञान होना चाहिए इसलिए आज हम मानव शरीर के अंगो के नाम, संख्या और उनके कार्यों  के बारे  में बतायेंगे  यदि आप विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे: आईएएस, शिक्षक, यूपीएससी, पीसीएस, एसएससी, बैंक, एमबीए एवं अन्य सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको भारत के प्रधानमंत्रियों के नाम और उनके कार्यकाल  से सबंधित जानकारी होनी चाहिए इनमे से प्रश्न अक्सर एग्जाम में पूछे जाते है|

भारत के प्रधानमंत्री:

भारत के प्रधानमंत्री भारत गणराज्य की सरकार के मुखिया हैं। भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी है, उनका पूरा नाम नरेन्द्र दामोदरदास मोदी है। भारत के प्रधानमंत्री का पद, भारत के शासनप्रमुख का पद है। संविधान के अनुसार, वह भारत सरकार का मुखिया, भारत के राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार, मंत्रिपरिषद का मुखिया, तथा लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है। वह भारत सरकार के कार्यपालिका का नेतृत्व करता है। भारत की राजनैतिक प्रणाली में, प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल में एक वरिष्ठ सदस्य होते हैं।

स्वतंत्रता प्राप्ति से अब तक चुने गए भारत के पूर्व या तत्कालीन प्रधानमंत्रियों की सूची:

प्रधानमंत्री का नाम कार्यकाल राजनीतिक पार्टी का नाम
जवाहर लाल नेहरू  (1889–1964) 26 फ़रवरी, 1950 से 27 मई, 1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
गुलज़ारी लाल नन्दा  (1898–1997)(कार्यवाहक) 27 मई, 1964 से 09 जून, 1964 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
लाल बहादुर शास्त्री (1904 –1966) 09 जून, 1964 से 11 जनवरी, 1966 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
गुलज़ारी लाल (1898-1997) नन्दा (कार्यवाहक) 11 जनवरी, 1966 से 24 जनवरी 1966 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
श्रीमती इंदिरा गांधी (1917–1984) 24 जनवरी, 1966 से 24 मार्च, 1977 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
मोरारजी देसाई (1896–1995) 24 मार्च, 1977 से 28 जुलाई, 1979 जनता पार्टी
चरण सिंह चौधरी (1902–1987) 28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 जनता पार्टी (सेक्युलर)
श्रीमती इंदिरा गांधी (1917–1984) 14 जनवरी, 1980 से 31 अक्टूबर, 1984 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
राजीव गांधी (1944–1991) 31 अक्टूबर, 1984 से 1 दिसम्बर, 1989 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
विश्वनाथ प्रताप सिंह (1931–2008) 01 दिसम्बर, 1989 से 10 नवम्बर, 1990 जनता पार्टी
चन्द्रशेखर सिंह (1927–2007) 10 नवम्बर, 1990 से 21 जून, 1991 समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय)
पी. वी. नरसिंह राव (1921 – 2004) 21 जून, 1991 से 16 मई, 1996 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
अटल बिहारी वाजपेयी (1926) 16 मई, 1996 से 01 जून, 1996 भारतीय जनता पार्टी
एच. डी. देवगौड़ा (1933) 01 जून, 1996 से 21 अप्रैल, 1997 जनता दल
इन्द्र कुमार गुजराल (1933–2012) 21 अप्रैल, 1997 से 19 मार्च, 1998 जनता दल
अटल बिहारी वाजपेयी (1926) 19 मार्च, 1998 से 22 मई, 2004 भारतीय जनता पार्टी
डॉ. मनमोहन सिंह (1932) 22 मई, 2004 से 26 मई, 2014 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
नरेन्द्र मोदी (1950) 26 मई, 2014 से अब तक भारतीय जनता पार्टी

भारत में प्रधानमंत्री का चयन तथा नियुक्ति कैसी होती है?

प्रधानमंत्री के चयन तथा नियुक्ति के सम्बन्ध में संविधान के अनुच्छेद 75 में केवल यह प्रावधान किया गया है कि प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा। लेकिन इसका तात्पर्य यह नहीं है कि राष्ट्रपति अपने विवेकाधिकार से प्रधानमंत्री की नियुक्ति कर सकता है। सामान्य प्रथा यह है कि राष्ट्रपति उसी व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त कर सकता है जो लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है। जो व्यक्ति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता चुना जाता है, वह राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा करता है। इसके बाद उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त किया जाता है। यदि सामान्य चुनाव में कोई भी दल बहुमत नहीं प्राप्त करता, तो राष्ट्रपति लोकसभा में सबसे बड़े दल के नेता को या किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसे कई दलों का समर्थन प्राप्त हो, को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त करके उससे यह अपेक्षा करता है कि वह एक मास के अंतर्गत लोकसभा में अपना बहुमत साबित करे।

प्रधानमंत्री पद के लिए योग्यता:

प्रधानमंत्री की योग्यता के सम्बन्ध में संविधान में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है, लेकिन इतना अवश्य कहा गया है कि प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होगा। लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होने के लिए आवश्यक है कि नेता लोकसभा का सदस्य हो। इसलिए प्रधानमंत्री को साधारणत: लोकसभा का सदस्य होने की योग्यता रखनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति, जो कि लोकसभा का सदस्य नहीं है, प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त किया जाता है तो उसे 6 महीने के अंतर्गत लोकसभा का सदस्य होना पड़ता है। प्रधानमंत्री के लिए लोकसभा की सदस्यता अनिवार्य नहीं है। उसे वस्तुत: संसद के दोनों सदनों में से किसी एक सदन अर्थात् लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य अनिवार्यत: होना चाहिए।

भारत के प्रधानमंत्री की पदावधि:

सामान्यतया प्रधानमंत्री अपने पद ग्रहण की तिथि से लोकसभा के अगले चुनाव के बाद मंत्रिमण्डल के गठन तक प्रधानमंत्री पद पर बना रह सकता है, लेकिन इसके पहले भी वह

  • राष्ट्रपति को त्यागपत्र देकर पदमुक्त हो सकता है, या
  • लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के कारण पद त्याग करता है, या
  • राष्ट्रपति के द्वारा बर्ख़ास्त किया जा सकता है।

भारत के प्रधानमंत्री का वेतन एवं भत्ता:

प्रधानमंत्री को प्रतिमाह 1,25,000 रुपये वेतन के रूप में मिलते हैं। साथ ही उन्हें मुफ़्त आवास, यात्रा, चिकित्सा, टेलीफ़ोन आदि की सुविधाएँ करायी जाती हैं। भत्ते के रूप में प्रधानमंत्री को निर्वाचन क्षेत्र, आकस्मिक ख़र्च, अन्य ख़र्चे एवं डी.ए. आदि दिया जाता है।

भारतीय प्रधानमंत्री के अधिकार एवं उनके कार्य:

प्रधानमंत्री के निम्नलिखित कार्य एवं अधिकार हैं:-

  • प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमण्डल के अन्य सदस्यों को नियुक्त करने, मंत्रिमण्डल से बर्ख़ास्त करने तथा मंत्रिमण्डल से उनके त्यागपत्र को स्वीकार करने की सिफ़ारिश राष्ट्रपति से करता है (अनुच्छेद 75)।
  • वह अपने मंत्रिमण्डल के सदस्यों को विभाग का आबंटन कर सकता है तथा किसी मंत्री को एक विभाग से दूसरे विभाग में अन्तरित कर सकता है।
  • प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल का प्रधान होता है और उसकी मृत्यु या त्यागपत्र से मंत्रिमण्डल का विघटन हो जाता है।
  • प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के कार्यकलाप के प्रशासन सम्बन्धी और विधान विषयक की सूचना राष्ट्रपति को दे और यदि राष्ट्रपति किसी ऐसे विषय पर प्रधानमंत्री से सूचना मांगता है, तो प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को सूचना देने के लिए बाध्य है (अनुच्छेद 78)।
  • प्रधानमंत्री मंत्रिमण्डल की बैठक की अध्यक्षता करता है।
  • यदि राष्ट्रपति चाहता है कि किसी बात पर मंत्रिपरिषद विचार करे तो वह प्रधानमंत्री को सूचना देता है।

आजादी के बाद सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल का विवरण नीचे दिया गया है:

कांग्रेस

जवाहर लाल नेहरू

  • कार्यकाल – 15 अगस्त 1947 से, 27 मई 1964 तक, 16 साल और 286 दिनों के लिये सेवा प्रदान की।
  • जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। उन्होंने आधुनिक मूल्यों और सोच को लेकर आधुनिक भारत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह एक समाज सुधारक थे और समाज के प्रति उनके प्रमुख कार्यों में से एक कार्य प्राचीन हिंदू नागरिक संहिता में सुधार करना था। उन्होंने हिन्दू विधवाओं को संपत्ति और विरासत के संबंध में पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त करने की अनुमति दी थी।

गुलजारीलाल नंदा

  • कार्यकाल – 27 मई 1964 से, 9 जून 1964 तक, 13 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।
  • कार्यकाल – 11 जनवरी 1966 से, 24 जनवरी 1966 तक, 13 दिनों के लिए सेवा प्रदान की
  • वह भारत के पहले ‘अंतरिम प्रधानमंत्री’ थे।

लाल बहादुर शास्त्री

  • कार्यकाल – 9 जून 1964 से, 11 जनवरी 1966 तक, 1 वर्ष और 216 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।
  • वह महात्मा गाँधी के निष्ठावान अनुयायी थे तथा उन्होंने “जय जवान जय किसान” जैसे लोकप्रिय नारे पर जोर दिया। शास्त्री नम्रता से बोलने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने भारत में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘श्वेत क्रांति’ को बढ़ावा दिया था।

इंदिरा गाँधी

  • कार्यकाल – 24 जनवरी 1966 से, 24 मार्च 1977 तक, 11 वर्ष और 59 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।
  • कार्यकाल – 14 जनवरी 1980 – 31 अक्टूबर 1984 तक, 4 वर्ष और 291 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।
  • इंदिरा गाँधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं तथा दुनिया में सबसे लंबे कार्यकाल वाली महिला प्रधानमंत्री बनी। उनके साहस और बहादुरी ने 1971 में  भारत को पाकिस्तान पर जीत दिलाई। उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सुधार लाने के लिये महत्वपूर्ण योगदान दिया।

जनता पार्टी

मोरारजी देसाई

  • कार्यकाल – 24 मार्च 1977 से, 28 जुलाई 1979 तक, 2 साल और 126 दिनों के लिये सेवा प्रदान की
  • मोरारजी देसाई भारत के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने। उन्होंने तथा उनके मंत्रियों ने औपचारिक रूप से आपातकाल की स्थिति को समाप्त कर दिया जिसे इंदिरा गांधी ने लगाया था।

जनता पार्टी (सेक्यूलर)

चरण सिंह

  • कार्यकाल – 28 जुलाई 1979 से, 14 जनवरी 1980 तक, 170 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।
  • उत्तर प्रदेश के राजस्व मंत्री के रूप में कार्य कर चुके चरण सिंह ने जमींदारी प्रणाली को हटाकर, भूमि सुधार अधिनियमों को लागू किया।

कांग्रेस

राजीव गाँधी

  • कार्यकाल – 31 अक्टूबर 1984 से, 2 दिसंबर 1989 तक, 5 वर्ष और 32 दिनों के लिए सेवा प्रदान की
  • राजीव गाँधी 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बने और कंप्यूटर को भारत में लाने में प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने वास्तव में भारतीय प्रशासन का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सुधार किया था तथा आर्थिक सहयोग का भी विस्तार किया था।

जनता दल

वी.पी. सिंह

  • कार्यकाल – 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक, 343 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।
  • वी.पी. सिंह ने देश में गरीबों की स्थिति में सुधार करने के लिए काम किया।

समाजवादी जनता पार्टी

चंद्रशेखर

  • कार्यकाल – 10 नवंबर 1990 से, 21 जून 1991 तक, 223 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।

कांग्रेस

पी.वी. नरसिम्हा राव

  • कार्यकाल – 21 जून 1991 से, 16 मई 1996 तक, 4 वर्ष और 330 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।
  • पी.वी. नरसिम्हा राव सबसे सक्षम प्रशासकों में से एक थे जिन्होंने प्रमुख आर्थिक सुधार किये थे। उन्हें भारतीय आर्थिक सुधारों के पिता के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने “लाइसेंस राज” को खत्म कर दिया और राजीव गाँधी सरकार की समाजवादी नीतियों को उलट दिया। उनकी विशेष क्षमता के कारण उन्हें चाणक्य भी कहा जाता था।

भारतीय जनता पार्टी

अटल बिहारी वाजपेयी

  • कार्यकाल – 16 मई 1996 से, 1 जून 1996 तक, 16 दिनों के लिये सेवा प्रदान की।
  • कार्यकाल – 19 मार्च 1998 से, 22 मई 2004 तक, 6 साल और 64 दिनों के लिये सेवा प्रदान की।
  • अटल बिहारी वाजपेयी भारत के शिष्ट प्रधानमंत्री थे। उनके कार्यकाल के दौरान भारत में मुद्रास्फीति बहुत कम थी। उन्होंने आर्थिक सुधारों और विशेषकर ग्रामीण भारत की नीतियों पर काम किया। उनके कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध थोड़े बेहतर हुए और दूरसंचार उद्योग में भी काफी उन्नति हुई।

जनता दल

एच.डी.देवगौड़ा

  • कार्यकाल – 1 जून 1996 से, 21 अप्रैल 1997 तक, 324 दिनों के लिये सेवा प्रदान की।
  • अपने कार्यकाल के दौरान देवगौड़ा ने गृह मंत्रालय, पेट्रोलियम और रसायन, शहरी रोजगार, खाद्य प्रसंस्करण, कार्मिक आदि मंत्रालयों पर अतिरिक्त कर भी लगाये। वह सामूहिक रूप से संयुक्त मोर्चा गठबंधन सरकार के नेता चुने गए थे।

आई.के.गुजराल

  • कार्यकाल – 21 अप्रैल 1997 से, 19 मार्च 1998 तक, 332 दिनों के लिए सेवा प्रदान की।

आई.के.गुजराल

  • आई.के.गुजराल ने सीटीबीटी (व्यापक परीक्षण प्रतिबंध संधि) पर हस्ताक्षर करने का प्रतिरोध किया था। प्रधान मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में यह सबसे महत्वपूर्ण कार्य था। पोखरन परमाणु परीक्षणों का संचालन करने के लिए यह एक स्पष्ट तरीका था। उन्होंने पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार लाने की दिशा में काम किया और गुजराल सिद्धांत के रूप में जाना जाने वाला पाँच सूत्री सिद्धांत दिया।

कांग्रेस

मनमोहन सिंह

  • कार्यकाल – 22 मई 2004 से, 26 मई 2014 तक सेवा प्रदान की
  • मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान सार्वजनिक कंपनियों के साथ-साथ बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में सुधार किये गये। उनकी सरकार ने वेल्यू एडेड टैक्स (वैट) लागू किया और उद्योग – नीतियों पर काम किया। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन 2005 में शुरू हुआ था। आठ अतिरिक्त आईआईटी संस्थान आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, उड़ीसा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में खोले गए।

भारतीय जनता पार्टी

नरेंद्र मोदी

  • कार्यकाल – मई 2014 से अब तक
  • नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने 26 मई, 2014 को भारत के 15 वें प्रधानमंत्री के रूप में अपना पद ग्रहण किया। 2014 में अपने कार्यकाल की शुरुआत के बाद से, उन्होंने शासन की एक सख्त और अनुशासित प्रणाली तैयार की और जन धन योजना, स्वच्छ भारत अभियान जैसी कई नीतियों को भी लागू किया। 5 वर्षों में महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती पर देश का उत्थान करने और गंगा को निर्मल बनाने के उद्देश्य से उन्होने जन स्वच्छ योजना तथा स्वच्छ भारत अभियान जैसी परियोजनाओं का संचालन किया है।

हमने इस पोस्ट में भारत के प्रधानमंत्री का नाम भारत के उप प्रधानमंत्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री कौन थे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री का नाम प्रधानमंत्री के कार्य भारत के उप प्रधानमंत्री कौन हैभारत के उप प्रधानमंत्री का नाम प्रधानमंत्री की सूची list of prime minister of india in hindi भारत के प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्रियों की सूची भारत के प्रधान मंत्रियों की सूची bharat ke pradhan mantri ke naam bharat ke pradhan mantri ki photo bharat ke pratham pradhan mantri ka naam bharat ke up pradhan mantri ka naam  से सबंधित जानकारी दी है अगर इनके बारे में आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके पूछो और अगर आपको यह  जानकारी  फायदेमंद लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें.

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